Home शुभ संध्या / शुभ रात्री हित चाहने वाला पराया भी अपना है

हित चाहने वाला पराया भी अपना है

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shubh sandhya bhakti status

हित चाहने वाला पराया भी अपना है
और अहित करने वाला अपना भी पराया है
रोग अपनी देह में पैदा होकर भी हानि पहुंचाता है
और
औषधि वन में पैदा होकर भी हमारा लाभ ही करती है।
शुभ रात्री

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